बेमेतरा (ट्रैक सीजी/हेमंत सिन्हा)। बेमेतरा के पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने बेरला विकासखंड के ग्राम सरदा एवं लेजवारा स्थित धान संग्रहण केंद्रों में बड़े पैमाने पर धान के हेरफेर की आशंका जताते हुए जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल जांच की मांग की है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्शाई गई खरीदी गई धान की मात्रा और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में भारी अंतर नजर आ रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि इन दोनों संग्रहण केंद्रों में बड़ी मात्रा में धान का गबन किया गया है और इससे राज्य शासन को गंभीर वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।
आशीष छाबड़ा ने कहा कि पूर्व में सामने आए धान हेरफेर के मामलों की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है, इसके बावजूद इन केंद्रों में पुनः नए धान की आवक प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने मांग की कि नए धान का संग्रहण तत्काल रोका जाए और पहले गायब हुए धान की वास्तविक स्थिति की पूरी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जनता की गाड़ी कमाई के पैसों से खरीदे गए धान का बंदरबांट किस स्तर पर किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों धान संग्रहण केंद्रों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराकर यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए पुलिस में अपराध दर्ज कराया जाना चाहिए। आशीष छाबड़ा ने आशंका जताई कि सरदा एवं लेजवारा धान संग्रहण केंद्रों में हुआ यह हेरफेर छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक का सबसे बड़ा धान घोटाला भी साबित हो सकता है।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में चारों ओर भ्रष्टाचार व्याप्त है और भाजपा के जनप्रतिनिधि व अधिकारी कर्मचारी केवल उगाही में लगे हुए हैं। जिला मुख्यालय के समीप स्थित दोनों धान संग्रहण केंद्रों में इतना बड़ा घोटाला सामने आने के बावजूद भाजपा के किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दिया जाना इस ओर संकेत करता है कि धान के इस हेरफेर से हुई उगाही की रकम से कहीं न कहीं भाजपा के जनप्रतिनिधि भी लाभान्वित हुए होंगे।
आशीष छाबड़ा ने सरदा-लेजवारा धान संग्रहण केंद्रों की जांच की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को लिखा पत्र
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