महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) द्वारा सक्षम योजना एवं ऋण योजना की जानकारी दी गई
बेमेतरा । जिला प्रशासन बेमेतरा के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) द्वारा आज बेमेतरा शहर में जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को “छत्तीसगढ़ महिला कोष” के अंतर्गत संचालित सक्षम योजना एवं ऋण योजना की विस्तृत जानकारी देना था, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा के मार्गदर्शन में पहल
यह जनजागरूकता कार्यक्रम जिला कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री सी.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग की टीम ने बेमेतरा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर सब्जी विक्रेताओं, फल विक्रेताओं एवं ठेला संचालकों से मुलाकात की और उन्हें महिला कोष योजनाओं की जानकारी दी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य
मिशन शक्ति से जुड़ी जेंडर विशेषज्ञ सुश्री तमन्ना एवं सुश्री सेवन्तिका ने उपस्थित महिलाओं को बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद महिलाओं को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है ताकि वे अपनी आजीविका के लिए छोटा व्यवसाय, दुकान या अन्य स्वरोजगार गतिविधि शुरू कर सकें।
सक्षम एवं ऋण योजना की मुख्य विशेषताएं
पात्रता: गरीबी रेखा से नीचे की विधवा, तलाकशुदा और 35 से 45 वर्ष की अविवाहित महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, ऐसी जरूरतमंद महिलाएं जिनकी वार्षिक आय ₹2 लाख से कम है और जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच है, वे भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं।
ऋण राशि: अधिकतम ₹2 लाख तक का ऋण प्रदान किया जा सकता है।
ब्याज दर: मात्र 3 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
उद्देश्य: महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना।
कार्यक्रम के दौरान जेंडर विशेषज्ञों ने स्थानीय महिलाओं से सीधे संवाद किया और उन्हें अपने अनुभव एवं सफलताओं के उदाहरणों के माध्यम से प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सक्षम योजना के तहत कई महिलाओं ने सिलाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण, सब्जी एवं फल विक्रय जैसे व्यवसाय शुरू कर अपनी आजीविका को सशक्त बनाया है।
महिलाओं ने भी योजना में रुचि दिखाई और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त की।
महिला सशक्तिकरण के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता
कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना समाज के समग्र विकास का आधार है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र महिला को शासन की योजनाओं का लाभ सरलता से प्राप्त हो और वे आत्मनिर्भर बन सकें। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया ने कहा कि विभाग निरंतर इस दिशा में कार्य कर रहा है ताकि अधिक से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकें।
जनजागरूकता के माध्यम से परिवर्तन की दिशा में कदम
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाया गया यह अभियान न केवल योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम बना, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाने का भी सशक्त प्रयास सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के दौरान अनेक महिलाओं ने योजना में पंजीयन के लिए रुचि जताई और अपनी सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए प्रेरणा ली।
महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब): बदलाव की नई पहचान
यह केंद्र लगातार महिलाओं को कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग जैसी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। सक्षम योजना और ऋण योजना जैसी पहलें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता का नया अध्याय जोड़ रही हैं।
