बेमेतरा । मवेशी खुला छोड़ने की बात पर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामला थाना बेरला के अंतर्गत ग्राम कुम्ही का है, जहां रविवार रात विवाद के बाद एक पक्ष ने प्राणघातक हमला कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जागेश्वर टंडन (27 वर्ष) निवासी कुम्ही ने थाना बेरला में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24 अगस्त की रात लगभग 8 बजे वह अपने बड़े भाई संतोष टंडन और अन्य ग्रामीणों के साथ गौठान के पास बैठे थे। इसी दौरान गांव के घनश्याम उर्फ बल्लू साहू अपने बेटे गोवर्धन साहू के साथ वहां से गुजर रहे थे। मवेशियों को खुला छोड़ने की बात पर कहासुनी हो गई।
बताया जा रहा है कि कुछ देर बाद बल्लू साहू अपने तीन बेटों गोवर्धन, गोपाल और नीतेश उर्फ रवि साहू के साथ वापस आया। बल्लू साहू हाथ में लोहे का टंगिया लिए हुए था। चारों ने मिलकर जागेश्वर टंडन व संतोष टंडन को जातिसूचक गालियां देते हुए हमला कर दिया। आरोप है कि बल्लू साहू ने संतोष टंडन के चेहरे और गाल पर टंगिया से प्राणघातक वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन तुरंत उन्हें शासकीय अस्पताल बेरला ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रायपुर रेफर किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति सिंह और एसडीओपी बेरला विनय कुमार के नेतृत्व में थाना बेरला प्रभारी कृष्णकांत सिंह की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
1. घनश्याम उर्फ बल्लू साहू (55 वर्ष)
2. गोवर्धन साहू (34 वर्ष)
3. गोपाल साहू (31 वर्ष)
4. नीतेश उर्फ रवि साहू (25 वर्ष)
— सभी निवासी कुम्ही, थाना बेरला, जिला बेमेतरा।
आरोपियों से घटना में प्रयुक्त लोहे का टंगिया भी जब्त किया गया है। उन्हें 25 अगस्त को गिरफ्तार कर आज 26 अगस्त को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी बेरला विनय कुमार, थाना प्रभारी कृष्णकांत सिंह, प्रधान आरक्षक दिनानाथ यादव, गोविंद सिंह, रामेश्वर पटेल, खुशाल बोरकर, सुरेंद्र जांगड़े, घनश्याम मिरे, टेकेन्द्र यादव, भावेश गोश्वामी सहित थाना बेरला पुलिस स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
