बेमेतरा (ट्रैक सीजी/हेमंत सिन्हा)।
नगर पालिका के सभा कक्ष में आज माँ भारती को समर्पित देशभक्ति और आध्यात्मिकता से ओतप्रोत वन्दे मातरम राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष स्मरणोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरा कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रप्रेम की भावना से भरा रहा। समापन में सभी उपस्थितों ने एक स्वर में वन्दे मातरम का जयघोष करते हुए माँ भारती को नमन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्र के विधायक दीपेश साहू सम्मिलित हुए। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, पार्षद नीतू कोठारी, गौरव साहू, चांदनी रोशन दत्ता, पंचू साहू, सजनी यादव, लक्की साहू, रवि मुलवानी, विकास तम्बोली, राजकुमार खांडे, सिमरन ताम्रकार, शहर मंडल अध्यक्ष युगल देवांगन, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सेवाराम साहू, नगर पालिका सीएमओ नरेश वर्मा सहित अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वन्दे मातरम आज़ादी का गीत ही नहीं, भारत की झलक है
विधायक दीपेश साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि वन्दे मातरम केवल आज़ादी का गीत नहीं बल्कि वह भारत की झलक है जो आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनकर विश्व पटल पर अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि 150 वर्ष पूर्व लिखे गए इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम में नई चेतना और प्रेरणा का संचार किया था, और आज भी यह गीत हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रीय गर्व और मातृभूमि के प्रति समर्पण का भाव जगाता है।
प्रधानमंत्री के संदेश का हुआ प्रसारण
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को संबोधित संदेश का सजीव प्रसारण भी किया गया। उन्होंने वन्दे मातरम की रचना और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए देशवासियों का आह्वान किया कि हर नागरिक माँ भारती के गौरव को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में अपना योगदान दे।
राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक
नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि वन्दे मातरम गीत हमारे राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक है। यह गीत केवल शब्द नहीं, बल्कि माँ भारती की वह पुकार है जिसने देश को स्वतंत्रता के मार्ग पर अग्रसर किया। आज जब हम इसके 150 वर्ष का स्मरण कर रहे हैं, तो यह हमारा कर्तव्य है कि नई पीढ़ी को इस गीत के संदेश और भावना से जोड़ें।
सेवानिवृत्त शिक्षक का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विधायक दीपेश साहू और नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने शहर के सेवानिवृत्त शिक्षक मनोज बक्शी का शाल, श्रीफल एवं मोमेंटो भेंटकर सम्मान किया। बक्शी पिछले 25 वर्षों से प्रतिदिन वन्दे मातरम का उच्चारण कर रहे हैं। उनका यह समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त करता है।
