*शांत होते नक्सली हिंसा के बीच अब बस्तर में मंडरा रहा दूसरा ख़तरा, यहां के जल जंगल ज़मीन और खनिज संपदाओं पर बढ़े उद्योगपति और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की पैनी नज़र चिंता का विषय _ कमलेश झाड़ी*
बीजापुर ट्रैक सीजी न्यूज जिला ब्यूरो चीफ
बस्तर के पांचवी अनुसूचित क्षेत्र माड़ इलाके में रायपुर के उद्योगपति भूमाफिया महेंद्र गोयनका ने 127 एकड़ ज़मीन की धोखाधड़ी कर अपने नाम की है प्रशासन करें शक्त कार्यवाही _ सीपीआई*
*बीजापुर* _ बता दें कि आज दिनांक 31/10/2025 को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (cpi) के जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने, विधायक बीजापुर विक्रम शाह मांडवी के द्वारा pc कर भू माफियाओं का फ़र्दापास करने के बाद गहरा चिंता जताते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि,
सरकार एक तरफ़ नक्सली उन्मूलन और 31मार्च 2026 तक नक्सली हिंसा ख़त्म करने की बात कह रही है। दूसरी ओर स्थानीय आदिवासियों को जल जंगल ज़मीन से बेदखल करने का पूरा प्लान बना चुकी है । इसी उद्देश्य से उद्योगपतियों बहुराष्ट्रीय कंपनियों भू माफियाओं को बढ़ावा दे रही है, इससे सरकार की मांसा साफ़ नज़र आ रही है कि। सरकार यहां के खनिजों का बेशुमार दोहन करना चाहती है,
बस्तर संभाग पूर्ण रूप से पांचवीं अनुसूचि और पेशा कानून का क्षेत्र है। जहां ग्राम पंचायत ग्राम सभा सर्वोपरि है। फिर भी सरकार इस आदिवासी कानून को दरकिनार कर मनमानी कर रही है। जिसका उदाहरण हाल ही में देखने को मिल रहा है बड़े उद्योगपति किस तरह इस क्षेत्र के मूलनिवासियों के जमीनों को अपने नाम कर रहे हैं और सरकार भी बड़े स्तर पर बिना ग्राम सभा के बढ़े पहाड़ नदी जंगल जमीनों का mou कर रही
है यह बस्तर के भविष्य और डेमोग्राफी के लिए गहरा चिंता का विषय है आने वाले दिनों में यहां के जल जंगल ज़मीन और आदिवासी जन जीवन संस्कृति खतरे में है। जिसपर सीपीआई गहरा चिंता व्यक्त करती है।
वहीं शासन प्रशासन से सीपीआई जिला परिषद् बीजापुर मांग करती है कि महेंद्र गोयनका रायपुर निवासी जिस तरह माड़ क्षेत्र के मूलनिवासियों का ज़मीन धोखाधड़ी कर अपने नाम कर ली है, उसकी विधिवद जांच कर कार्यवाही की जाए और पीड़ितों को उनका पैतृक ज़मीन वापस दिलाया जाए।।
