RNI - NO : CHHHIN/2015/65786

September 30, 2022 1:53 AM

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अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग- धरना प्रदर्शन आठवें दिन भी जारी

अंतागढ़/ट्रैक सीजी:

उन्नीसवीं शताब्दी के ब्रिटिश कालीन तहसील अंतागढ़ को जिला का दर्जा दिलाने पाँच अगस्त से सर्वदलीय, सर्वसमाज के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन अंतागढ़ के वीरनारायण चौक में प्रारम्भ हो चुका है जो आठवें दिन भी जारी रहा।

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बता दें, अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासी पिछले एक दशक से भी अधिक समय से लगातार करते आ रहे है, लेकिन अभी तक ब्रिटिश कालीन अंतागढ़ तहसील को ना तो ज़िले दर्जा मिल पाया है और ना ही अपना हक।

वही आंदोलनकारियों का कहना है कि विगत 2012 से अंतागढ़वासी अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं, ज्ञात हो अंतागढ़ की भौगोलिक स्थिति केंद्र पर मौजूद है जिससे आम जनता एक दिन में ही ज़िला मुख्यालय आकर अपना काम करवा कर जा सकेंगे। केंद्र में प्रशासनिक अमले के बैठने से सभी व्यक्ति तक उनकी पहुंच हो सकेगी इसके साथ ही राज्य सरकार, केंद्र सरकार और जिला प्रशासन की योजनाओं का क्रियान्वयन एवं लाभ भी अंतिम छोर में बसे व्यक्तियों को मिल पाएगा। हाल ही के दिनों में रावघाट से लगे हुए कोयलीबेड़ा और अमाबेड़ा के सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीण नारायणपुर जिले में शामिल होने हेतु मांग करने लगे थे, यह लगातार हो रहे क्षेत्र की उपेक्षा एवं अनदेखी का ही परिणाम है।

वहीं ज़िला बनाओ संघर समिति के सदस्यों का कहना है कि अंतागढ़ यदि जिला बन जाता है तो राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर अर्थात् सुदूर अंचल में बसे व्यक्तियों को भी मिलेगा और लोगों की समस्या पूर्णतः समाप्त हो जाएगी और वह अन्य किसी दूसरे जिले में जाने की मांग नहीं करेंगे। इस अवस्था में राज्य सरकार को क्षेत्रवासियों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए अंतागढ़वासियों की फरियाद को सुनते हुए व हमारी मांगों को जायज ठहराते हुए अंतागढ़ को जिला बनाने की ओर व ज़िला मुख्यालय भी अंतागढ़ में स्थापित करने की ओर गम्भीरता से पहल करनी चाहिए, ताकि प्रशासनिक दख़ल क्षेत्र के अंतिम छोर तक हो।

शुक्रवार को आंदोलन के आठवें दिन जिला निर्माण समिति द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम अंतागढ़ को जिला बनाने के लिए पुनः ज्ञापन सौंपा गया। आज आंदोलन में बद्री गावड़े, अंकालु पवार, माखन सिंह, लक्षे सिंह, कुलदीप खापर्डे, रोहित रजक, मोहित रजक, खगेश यादव, राकेश ठाकुर, लक्ष्मण कुमार, निसार अहमद, कामेश्वर गुप्ता, राकेश गुप्ता, बाबा नाग, भागीरथ यादव, ओमप्रकाश ठाकुर, भूपेश ठाकुर, विजय साहू, हेमंत कश्यप, तरुण रामटेके, भूपेश ठाकुर व अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

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