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October 7, 2022 1:27 AM

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आजादी के 75वे साल में आज रेल पहुंचेगी अंतागढ़, लोगों में उत्साह

अंतागढ़/ट्रैक सीजी:

आज़ादी के 75 वें साल बाद आखिर अंतागढ़ क्षेत्र के लोगों को आज से रेल सुविधा मिलने जा रही है, एक और जहां भारत देश में जहां आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है वहीं अंतागढ़ क्षेत्र में आज से रेल सुविधा का मिलना आज़ादी के अमृत महोत्सव में और चार चांद लगा रही है ।

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रावघाट परियोजना और रेल लाइन के विस्तार की कहानी काफी लंबी है, कई पीढ़ियां रेल लाइन और रावघाट परियोजना के शुरू होने के इंतजार में गुज़र गईं, पर अब दशकों के इंतजार के बाद लोगों का सपना पूरा होने जा रहा है।

बता दें छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क निकालने में रावघाट परियोजना पर संकट के बादल छंटने का नाम नहीं ले रहे थे. भिलाई स्पात संयंत्र को जिंदा रखने के लिए रावघाट परियोजना का शुरू होना अत्यंत आवश्यक है, बता दें लौह अयस्क परिवहन करने हेतु रेल पात रावघाट तक बिछाना एक बड़ी चुनौती थी, जिसके रास्ते में आ रहे पेड़ों की कटाई के लिए कोई सामने नहीं आ रहा है.

इस रेल परियोजना के लिए लगभग 3 लाख पेड़ काटे जाने थे. पेड़ों की कटाई के लिए कई बार निविदा निकालनी पड़ी।

वहीं परियोजना का विरोध कर रहे माओवादियों का कहना है था की सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नाम पर सरकार रावघाट के लौह अयस्क को निजी कंपनियों को सौंपना चाहती है. वहीं कई सामाजिक कार्यकर्ता इस परियोजना में क़ानून की अनदेखी का भी आरोप लगाते रहे हैं, नक्सलियों के विरोध की वजह से केंद्र सरकार ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती की जिसमे बीएसएफ, एसएसबी, सीआरपीएफ जैसे सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालकर अंततः रेल परियोजना को साकार रूप देने में दिन रात एक कर दिया और लोगों के सपनो को साकार करने में अपनी विशेष भूमिका निभाई।

उत्तर बस्तर के कांकेर और नारायणपुर ज़िले में स्थित रावघाट की पहाड़ियों में लौह अयस्क के छह ब्लॉक हैं, जिनमें 712.48 मिलियन टन लौह अयस्क होने का अनुमान है.

भारत सरकार के उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र ने पहली बार 30 अगस्त, 1983 को रावघाट की लौह अयस्क की खदानों के लिए भारत सरकार को आवेदन दिया था. लेकिन अलग-अलग कारणों से यह आवेदन रद्द होता रहा.

किंतु दशकों के इंतजार के बाद ही सही रावघाट परियोजना और रेल सुविधा क्षेत्र के लोगों को मिलने जा रही है तो अब बीते समय को लोग याद नही करना चाहते की उनकी कितनी पीढ़ी इस पल के इंतजार में गुज़र गई, अंत भला तो सब भला।

रावघाट से लौह अयस्क को परिवहन करने 235 किलोमीटर की रेल पात बिछाई जानी थी जो अब अपने आखरी चरण तक पहुंच चुकी है, वहीं लोगों की सुविधाओं को देखते हुए रेल मंडल ने अभी फिलहाल यात्री ट्रेन केंवटी से अंतागढ़ तक बढ़ाया है, जिसका सफर आज से शुरू होना है।

रायपुर से अंतागढ़ तक रेल परिचालन किया जाना क्षेत्र के लोगों के लिए एक सुखद सपने का सच होना लग रहा है।

आज के ऐतिहासिक पल में रेल परिचालन के शुभारंभ के अवसर पर अंतागढ़ से विधायक अनूप अंतागढ़ में रेल को हरी झंडी दिखाएंगे जबकि सांसद मोहन मंडावी भानूप्रतापपुर से ट्रेन को हरीझंडी दिखाकर अंतागढ़ के लिए रवाना करेंगे, वहीं क्षेत्र के लोग इस ऐतिहासिक दिन को संजोने के लिए अंतागढ़ से रेल में बैठकर सफर करना चाहेंगे, कई लोगों ने ठान लिया है की उन्हें ही इस सफर में पहली टिकिट लेकर अंतागढ़ के इतिहास में अपना नाम जुड़वाना है, जिससे आने वाली पीढ़ी को बता सकें की वो अंतागढ़ के विकास ने नए आयाम रेल परिचालन के गौरवशाली पल के गवाह हैं।

अब देखना होगा की रावघाट से लौह अयस्क का परिवहन कब से शुरू होगा और मालगाड़ी सहित दूसरी यात्री ट्रेन लोगों को कब मिलेगी।

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