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September 30, 2022 2:04 AM

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अवैध अतिक्रमण और कूटरचना कर जमीन हथियाने के आरोपों से घिरे लिपिक ने किया आदिवासी शिकायतकर्ता के ख़िलाफ़ कोर्ट में मानहानि फ़ाइल करने का दावा.  70 वर्षीय बुजुर्ग बोले कौन है सलीम हाई ! 70 सालों में उनका रेंगानार में वजूद नही, कैसे मिला जमीन का पट्टा ?

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अवैध अतिक्रमण और कूटरचना कर जमीन हथियाने के आरोपों से घिरे लिपिक ने आदिवासी शिकायतकर्ता के ख़िलाफ़ कोर्ट में मानहानि फ़ाइल करने का दावा.
70 वर्षीय बुजुर्ग बोले कौन है सलीम हाई ! 70 सालों में उनका रेंगानार में वजूद नही, कैसे मिला जमीन का पट्टा ?

पवन दुर्गम, बीजापुर:- 27 जुलाई 2022 को बीजापुर तहसील के धनोरा पंचायत के आश्रित गांव रेंगानार के दर्जनों आदिवासियों ने सरकारी मुलाजिम पर कूटरचना कर आदिवासी की जमीन अपने नाम बदली कराने की शिकायत दर्ज की थी। आवेदन देकर खसरा नंबर 149/2 पर अपना दावा पेश किया था। आरोप लगाया कि जेम्स कुडियम के नाम जमीन को लिपिक सलीम हाई नाम के व्यक्ति ने धोखे से जमीन हड़प ली और अब बेचने के फ़िराक में है। सलीम हाई ने पत्रकारवार्ता बुलाकर अपने पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद करार देते दस्तावेज प्रस्तुत किये। सलीम हाई ने जेम्स कुड़ियम पर अपने मान के अपमान के लिए मानहानि का केश करने की बात कही है। सलीम हाई ने मीडिया से चर्चा में बताया कि उक्त जमीन उनकी है और वहाँ वे सालों से खेती कर रहे हैं

नीचे जो तस्वीर है वहीं खेती का दावा किया जा रहा है-मामला 1995 से शुरू होकर सीधे 28 साल आगे 2022 तक पहुंचा। 1995 से जिस जमीन पर जेम्स कुडियम और उनके बड़े भाई डोगा कुडियम का कब्जा था उस जमीन पर अचानक 2008 में जमीन का मालिकाना हक सलीम हाई के पास आ गया। जहां ऑफलाइन में खसरा क्रमांक 149/2 जेम्स कुड़ियम के नाम अंकित था वही ऑनलाइन सलीम हाई के नाम दर्ज हो गया। सलीम हाई ने मीडिया को बताया कि वे सालों से रेंगानार में खेती करते हैं और जमीन उन्ही के कब्जे में है। लेकिन वास्तविकता दावों से जुदा निकली। रेंगानार में जहां खेती का दावा किया जा रहा है वहां आज भी जंगल है। जहां कभी एक बीज भी नही बोया गया है। मामला सीधे खरीदी बिक्री से मोटा मुनाफा कमाने का दिख रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा मे सलीम को दस्तावेजों के साथ बुलाया जा रहा है लेकिन सलीम नही पहुंच रहे हैं।

70 साल के बुजुर्गों ने सलीम हाई का दावा किया खारिज-

रेंगानार गांव में जिस जमीन पर सलीम हाई के नाम 2.023 हेक्टेयर भूमि दर्ज है वहां प्लांटेशन था और नीलगिरी के बड़े पेड़ों की भरमार था। रेंगानार निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग पांडू कुड़ियम, मल्ला कुड़ियां ( 68), कोत्ता तेलम (65), राजू तेलम, धनी कुड़ियम, सुरेश, सुकलु ने बताया कि उनकी पैदाईस से लेकर 7 दशकों तक उनके गांव में किसी सलीम हाई नाम के व्यक्ति का नाम न तो सुना है,।न रहता है और न ही ऐसी किसी व्यक्ति की कभी जमीन यहां रही है। इन बुजुर्गों और दर्जनभर वरिष्ठ ग्रामवासियों ने सलीम हाई के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अब जब ग्रामीणों को जमीन को बेचने के लिए कलेक्टर से अनुमति मांगे जाने की सूचना मिली है तब से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है ग्रामीणों ने ग्रामसभा बुलाकर फर्जी तरीके से पट्टा बनाने वाले तहसीलदार, पटवारी और आर.आई पर कार्यवाही की मांग करने की बात कही है।

सिविल आचरण नियमों का उल्लंघन,

इस मामले में बीजापुर के तहसीलदार ड़ी आर ध्रुव ने बताया कि किसी सरकारी कर्मचारी को व्यवस्थापन के तहत जमीन आबंटन का कोई प्रावधान नही है। ऐसा हुआ है तो सिविल आचरण नियमो का उल्लंघन है। शिक़ायत मिलेगी तो कार्यवाही करेंगे। साथ ही तहसीलदार साहब मानते हैं कि किसी शासकीय कर्मचारी द्वारा पत्रकारवार्ता किया जाना सिविल सेवा आचरण नियमो का उल्लंघन है।

किसी शासकीय कर्मचारी द्वारा भूमि का अवैध कब्जा या अतिक्रमण कर कूटरचना करके पट्टा हासिल करना सिविल आचरण नियमों का उल्लंघन है। जब स्वयं सलीम हाई द्वारा मीडिया में बयान दिया गया है कि वे 2001 से सरकारी सेवा में पदस्त हैं और 2008 में उन्होंने रेंगानार में जमीन का पट्टा व्यवस्थापन के तहत हासिल किया है। किसी शासकीय कर्मचारी द्वारा बिना अनुमति पत्रकारवार्ता बुलाना सिविल आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन है। बतादें की लिपिक सलीम हाई ने माना कि बे बीजापुर नगर के निवासी हैं और उन्हें रेंगानार में व्यवस्थापन के तहत जमीन का आबंटन हुआ है। मामला पूर्णतः हेराफेरी करके दिया गया प्रतीत होता है। 2008 में पट्टा जारी करने में कूटरचना करने वाले अधिकारियों पर भी जांच आवश्यक है।

 

देखिए दोनों पक्षकारों के दस्तावेज-

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