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September 27, 2022 12:55 AM

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हाई-जेम्स का मामला पहुँचा M.L.A हाउस. ग्रामीणों को मिला न्याय का भरोसा.

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हाई-जेम्स का मामला पहुँचा M.L.A हाउस. ग्रामीणों को मिला न्याय का भरोसा.

बीजापुर- धनोरा पंचायत के रेंगानार में सलीम हाई और जेम्स कुडियम की जमीन विवाद के मामले में सियासती तड़का भी लग गया। आज दर्जनभर ग्रामीणों ने विधायक निवास पहुंचकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई। विधायक ने ग्रामीणों को जांच के बाद कार्यवाही का भरोसा दिलाया। विधायक और ग्रामीणों की मुलाकात के दौरान बीजापुर तहसीलदार डी. आर. ध्रुव मौजूद रहे। तहसीलदार ने ग्रामीणों को बताया कि मामले में जांच जारी है जल्द कार्रवाई होगी।

पढ़िए पूरा मामला,

मामला 1994 से शुरू होकर सीधे 28 साल आगे 2022 तक पहुंचा। 1994 से जिस जमीन पर जेम्स कुडियम और उनके बड़े भाई डोगा कुडियम का कब्जा था उस जमीन पर अचानक 2008 में जमीन का मालिकाना हक सलीम हाई के पास आ गया। जहां ऑफलाइन में खसरा क्रमांक 149/2 जेम्स कुड़ियम के नाम अंकित था वही ऑनलाइन सलीम हाई के नाम दर्ज हो गया। सलीम हाई ने मीडिया को बताया कि वे सालों से रेंगानार में खेती करते हैं और जमीन उन्ही के कब्जे में है। लेकिन वास्तविकता दावों से जुदा निकली।

70 साल के बुजुर्गों ने सलीम हाई का दावा किया खारिज:-

जिस जमीन पर सलीम हाई के नाम 2.023 हेक्टेयर दर्ज है वहां प्लांटेशन था और नीलगिरी के बड़े पेड़ों की भरमार था। रेंगानार निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग पांडू कुड़ियम, मल्ला कुड़ियां ( 68), कोत्ता तेलम (65), राजू तेलम, धनी कुड़ियम, सुरेश, सुकलु ने बताया कि उनकी पैदाईस से लेकर 7 दशकों तक उनके गांव में किसी सलीम हाई नाम के व्यक्ति का नाम न तो सुना है,।न रहता है और न ही ऐसी किसी व्यक्ति की कभी जमीन यहां रही है। इन बुजुर्गों और दर्जनभर वरिष्ठ ग्रामवासियों ने सलीम हाई के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अब जब ग्रामीणों को जमीन को बेचने के लिए कलेक्टर से अनुमति मांगे जाने की सूचना मिली है तब से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है ग्रामीणों ने ग्रामसभा बुलाकर फर्जी तरीके से पट्टा बनाने वाले तहसीलदार, पटवारी और आरआई पर कार्यवाही की मांग करने की बात कही है।

सिविल आचरण नियमों का उल्लंघन,

किसी शासकीय कर्मचारी द्वारा भूमि का अवैध कब्जा या अतिक्रमण कर कूटरचना करके पट्टा हासिल करना सिविल आचरण संहिता 1966 का उल्लंघन है। जब स्वयं सलीम हाई द्वारा मीडिया में बयान दिया गया है कि वे 2001 से सरकारी नौकरी पदस्त हैं और 2008 में उन्होंने रेंगानार में जमीन का पट्टा व्यवस्थापन के तहत हासिल किया है। किसी शासकीय कर्मचारी द्वारा बिना अनुमति पत्रकार वार्ता बुलाना सिविल आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन है। बतादें की लिपिक सलीम हाई ने माना कि बे बीजापुर नगर के निवासी हैं और उन्हें रेंगानार में व्यवस्थापन के तहत जमीन का आबंटन पूर्णतः हेराफेरी करके दिया गया है। 2008 में पट्टा जारी करने में कूटरचना कर्म वाले अधिकारियों पर भी जांच आवश्यक है।

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