RNI - NO : CHHHIN/2015/65786

September 30, 2022 2:22 AM

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चार महीने पहले बना अप्रोच पुल चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट

अंतागढ़/ट्रैक सीजी:

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही योजना है, जिसकी शुरुआत दिसंबर 2000 में पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेई द्वारा की गई थी। इस योजना का मकसद ऐसे ग्रामीण इलाकों में बारहमासी सड़क नेटवर्क तैयार करने में राज्यों की मदद करना है, जहाँ सड़कों की सुविधा मौजूद नहीं है, जिससे इन ग्रामीणों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके।

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किंतु अंतागढ़ ब्लाक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में हो रहे भ्रष्टाचार से ये महती योजना लोगों के लिए परेशानी की वजह बननी नज़र आ रही है।

मामला है अंतागढ़ ब्लाक के ग्राम कोलर का जिसमे बनाई गई सड़क व पुल जो सत्तीघाट व अन्य करीब दस गांव को कोलर से जोड़ती है, इस सड़क में बनाया गया पुल जिसे बनाए महज चार महीने भी नही हुए और वह खेतों से आने वाले पानी के धार से ही धराशाई हो गया।

मोटरसायकल सवार (लाल घेरे में) नाला पार करते हुए

जब यह पुल नहीं था तो लोगों को उतनी परेशानी नहीं होती थी जितनी इस पुल के बन जाने और कुछ दिनों में टूटकर बिखर जाने की वजह से ज्यादा परेशानी होने लगी है, लोगों को अब अपनी सायकलों को कंधे से उठाकर नदी पार करना पड़ता है, वही सत्तीघाट व अन्य ग्रामों से कोलर हाईस्कूल में शिक्षा ग्रहण करने आने वाले बच्चों को इस पुल के बिखरे मलबे से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नियमानुसार इन सड़कों व पुल के निर्माण के संबंध में बोर्ड में पूरी जानकारी लिखी होनी चाहिए किंतु इस सड़क और इस पुल के विषय में जानकारी देने बोर्ड तो लगाया गया है किंतु जानकारी वाले सारे कालम निरंक हैं।

कोलर में चल रहे कलेक्टर जन चौपाल में मिले विभाग में मुख्य कार्यपालन अभियंता मनोज रात्रे से जब इस पुल के विषय में पूछा गया तो उनका कहना था की इस वर्ष हुई अतिवृष्टि की वजह से पुल बह गया जिसे बारिश के बाद बना दिया जाएगा, किंतु यह पूछे जाने पर की बारिश या अतिवृष्टि सिर्फ आपके विभागों द्वारा बनाए गए सड़कों व पुल पुलिया को ही कैसे नुकसान पहुंचाती है, इस बात पर मनोज रात्रे ने कुछ भी नहीं कहा।

बता दें इस पुल में बारिश के दिनों में सिर्फ खेतों का पानी ही बहता है और अगर खेतों के पानी के दबाव से यह पुल धराशाई हो जाए तो इसकी गुणवत्ता पर सवाल तो बनता ही है।

सत्तीघाट निवासी रामजी ने बताया की पहले सायकल से आसानी से इस नाले को पार कर किया करते थे, किंतु नाले के टूट जाने की वजह से सायकल को कंधे में उठाकर नाला पार करना पड़ता है, वहीं स्कूली छात्रों को अब ज्यादा परेशानी हो रही है।

कंधे पर साईकिल उठाकर नाला पार करता ग्रामीण

क्षेत्र में पीएमजीएसवाय से बन रहे लगभग सभी सड़कों एवं पुल पुलियों का यही हाल है, किंतु ऐसे मामलों में संबंधित कार्य एजेंसी के ठेकेदारों साथ ही संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही न होने की वजह से इनके हौसले और बुलंद हो रहे हैं।

इस विषय में कोलर के जन चौपाल में आई जिले की कलेक्टर डाक्टर प्रियंका शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया की इस विषय में उन्हें जानकारी मिली है और उन्होंने अंतागढ़ के अपर कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा से इस पुल के विषय में पूरी जांच करने को कहा है।

अब देखना होगा की इस मामले में संबंधित कार्य एजेंसी साथ ही संबंधित ठेकेदार पर क्या कार्यवाही होती है या फिर जांच के नाम पर पुनः बनवा देने का आश्वासन ही मिलता है।

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