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October 7, 2022 2:44 AM

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मध्यान्ह भोजन रसोईया हड़ताल पर, शिक्षकों के भरोसे मध्यान्ह भोजन

अंतागढ़/ट्रैक सीजी:

कोयलीबेड़ा के प्राथमिक विद्यालय कोतुलबेड़ा में मध्यान्ह भोजन अब शिक्षकों द्वारा संचालित किया जा रहा है। मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ के हड़ताल में जाने के पश्चात् शिक्षकों द्वारा यह निर्णय लेना एक सराहनीय पहल है।

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मध्यान्ह भोजन बनाने की तैय्यारी करते प्रधानाध्यापक राकेश शुक्ला

ज्ञात हो विगत एक हफ़्ते से मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ अपनी विभिन्न माँगों को लेकर हड़ताल में बैठे हुए हैं, जिनमे उनकी प्रमुख माँग हैं- कि, वर्तमान में जो उन्हें पचास रुपए की दर से वेतन दिया जा रहा है, अर्थात् महीने के पंद्रह सौ रुपए जिससे उनका गुज़ारा बमुश्किल हो पाता है आज के महंगाई के इस दौर में उसे कलेक्टरेट दर से भुगतान किया जाए जो कि दो सौ रुपए है। इसके अतिरिक्त दूसरी उनकी मुख्य माँग है वेतन का समय पर भुगतान करना।

बता दें, पंद्रह सौ रुपए महीने की दर से जो भुगतान इन रसोईयों को किया जाना है वह भी समय पर इन्हें नही किया जाता, वर्तमान की अगर बात करें तो विगत अप्रैल के महीने से इन रसोईयों को इनका भुगतान नहीं किया गया है जिससे इन्हें काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अब इस अवस्था में जबकि समस्त रसोईये अपनी माँगों को लेकर अनिश्चितक़ालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं, वहीं विद्यालयों में नौनिहालों को निवाला नसीब नहीं हो रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए कोयलीबेड़ा विकासखंड के अंतर्गत प्राथमिक शाला कोतुलबेड़ा के प्रधानाध्यपक राकेश शुक्ला व स. शिक्षक देवलाल पोटाई द्वारा स्वयं मध्यान्ह भोजन बनाकर नौनिहालों को परोसा जा रहा है। मध्यान्ह भोजन बनाने से लेकर खिलाने तक का ज़िम्मा इन शिक्षकों ने स्वयं अपने ज़िम्मे ले रखा है, जिससे इन छात्रों को अब मध्यान्ह भोजन मिल पा रहा।

नौनिहालों के लिए मध्यान्ह भोजन बनाते स. शिक्षक देवलाल पोटाई

अब देखना यह होगा कि मध्यान्ह भोजन रसोईयों की माँगो की तरफ़ प्रशासन का ध्यान कब जाता है, इनकी जायज़ माँगों को लेकर शासन प्रशासन का रवैय्या क्या होगा व कब ये समस्त रसोईये अपने अपने कामों में वापसी कर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं जो की दशकों से ये भली भांति करते आए हैं।

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