RNI - NO : CHHHIN/2015/65786

September 30, 2022 2:02 AM

RNI - NO : CHHHIN/2015/65786

September 30, 2022 2:02 AM

मौसमी बीमारी और स्वाईन फ्लू के प्रति बरतें सावधानियां स्वाईन फ्लू की रोकथाम एवं नियंत्रण स्वास्थ्य केन्द्रों को निर्देश जारी

मौसमी बीमारी और स्वाईन फ्लू के प्रति बरतें सावधानियां
स्वाईन फ्लू की रोकथाम एवं नियंत्रण स्वास्थ्य केन्द्रों को निर्देश जारी

महासमुंद ट्रैक सीजी गौरव चंद्राकर/ जिले में मौसमी बीमारी और स्वाईन फ्लू की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.आर. बंजारे ने जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मार्गदर्शिका एवं निर्देश जारी किये है। जारी निर्देश में स्वाईन फ्लू के लक्षण और उपचार बताए गए है। यह फ्लू श्वसन तंत्र संक्रमण है जो मनुष्यों में इन्फ्लूएंजा ‘ए’ वायरस (एच1एन1) के कारण होता है। इसमें सर्दी, खांसी, बुखार एवं बदन दर्द जैसे लक्षण होते हैं। संक्रमित व्यक्ति सामान्यतः एक सप्ताह के भीतर सामान्य उपचार से स्वस्थ हो जाता है, परन्तु उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों जैसे गर्भवती महिलायें, पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चे, 65 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्ध एवं किसी अन्य रोग से ग्रसित व्यक्तियों में इस संक्रमण की जटिलताएँ होने की सम्भावना होती है। इसके लक्षण सर्दी, खांसी, गले में खराश, बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, थकावट, कभी-कभी दस्त एवं उल्टी भी हो सकती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि स्वाईन फ्लू तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। जिससे बचने के लिए इसके बारे में जानकारी होना बेहद आवश्यक है। स्वाईन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है। जो एक विशेष प्रकार के इन्फ्लूएंजा- ‘ए’ वायरस (एच1एन1) से होता है। प्रभावित व्यक्ति में सामान्य सर्दी, जुकाम जैसे ही लक्षण होते है। यानि नाक से पानी बहना या नाक बंद हो जाना, गले में खराश, सर्दी, खांसी, बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेट दर्द, कभी-कभी उल्टी आना होता है। यह संक्रामक कम उम्र के व्यक्तियों, छोटे बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करता है। इसका संक्रामक रोगी व्यक्ति के खांसने, छींकने आदि से निकली हुई द्रव के बूंदों से होता है। संक्रमित होने के पश्चात 1 से 7 दिन के अंदर लक्षण उत्पन्न हो जाते है।
उन्होंने लोगों से इससे सावधनी बरतने खांसते एवं छींकते समय मुंह एवं नाक को रूमाल से ढंकने, अपने नाक, कान अथवा मुंह को छुने से पहले अथवा बाद में अपने हाथों को साबून से धोने, भीड़-भाड़ वाली जगह से दूर रहनेे, पानी का अधिक सेवन करने, पौष्टीक आहार लेने, लक्षण युक्त व्यक्ति मास्क का उपयोग करने तथा जाँच कराने कहा है। उन्होंने बताया कि जिले में आरटीपीसीआर लैब में स्वाईन फ्लू जाँच की व्यवस्थाकी जा रही है, सभी विकासखण्डो तथा मेडिकल कॉलेज/जिला चिकित्सालय में उपचार की व्यवस्था है।

You might also like

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Also Read