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December 8, 2022 6:15 AM

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पूर्व थानेदार और वर्तमान विधायक पहुँचे अतीत की विस्मृतियों में, पुनः जीना चाहते हैं बचपन के वो बीते पल

अंतागढ़/ट्रैक सीजी:

अमूमन देखा गया है कि जब कोई व्यक्ति सफलता की बुलंदियों को छूकर उसके शिखर तक पहुंच जाता है, तब अधिकांशतः उस व्यक्ति की सोच भी सफलता के साथ बदल जाती है। जहां की ज़मीन व जिस मिट्टी में उनका बचपन बीता हो, जिस विद्यालय से उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ली हो, काफ़ी कम ही व्यक्ति ऐसे होते हैं, जिन्हें सफलता मिलने पर वो सारी बातें याद रहती हैं, या फिर यूँ कहें कि उस जगह पर जाकर अथवा अपने सहपाठियों-मित्रों से मिलकर बचपन के उन पलों को पुनः जीने की ख़्वाहिश होती होगी।

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इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, अंतागढ़ के विधायक अनूप नाग। जिन्होंने वो तमाम मुक़ाम हासिल किए जीवन में जिसके स्वपन्न हर आम नागरिक देखता है। क्षेत्रीय विधायक नाग आज सभी क्षेत्रों में सफल होते हुए भी भावनात्मक रूप से अंतागढ़ की सरज़मीं व हर उस स्थान, उन लोगों से जुड़े हुए हैं जिनके साथ उन्होंने अपना बचपन बिताया है।

क्षेत्रीय विधायक अनूप नाग

बता दें, अंतागढ़ के प्राथमिक शाला के सामने यकायक ही आज विधायक अनूप नाग का काफिला रुका इसके साथ ही देखते ही देखते आरईएस के एसडीओ, जनपंद पंचायत की मुख्यकार्यपान अधिकारी, अंतागढ़ एसडीएम सह राजस्व विभाग का पूरा अमला भी मौके पर पहुंच गया।

विधायक अनूप नाग ने अंतागढ़ पुराना रेस्ट हाउस रोड स्थित प्राथमिक शाला का पूर्ण रूप से जायजा लिया, साथ ही उन पलों को उन अमूल्य क्षणो को भी याद किया जब वे स्वयं बचपन के दिनो में उस विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने आया करते थे।

यहां यह भी बताना आवश्यक है कि अंतागढ़ का यह बालक प्राथमिक शाला ब्रिटिशकालीन है, जिसकी स्थापना सन सन 1888 में हुई थी। अर्थात् जब देश आजाद नही हुआ था और देश में अंग्रेजों की हुकूमत चला करती थी उस दौर में इस प्राथमिक शाला की स्थापना हुई थी।

इस विद्यालय से कई हस्तियों ने शिक्षा ग्रहण किया है, तथा बाद में जिन्होंने प्रदेश सहित राष्ट्रीय स्तर पर इस विद्यालय के साथ अंतागढ़ का नाम भी रोशन किया है।

बहरहाल विधायक अनूप नाग ने पूरे स्कूल का जायजा लिया और कुछ यादें भी उन्होंने साझा की, उन्होंने बताया कि वीणा बहनजी ऐसी शिक्षिका थीं, जिन्होंने कईयों के माता-पिता के पश्चात् उनके बच्चों को भी इस विद्यालय में शिक्षा दी है।

 

अनूप नाग ने आरईएस के एसडीओ सहित जनपद पंचायत अंतागढ़ के अधिकारी को निर्देशित किया कि इस विद्यालय को वे मॉडल स्कूल के रूप में देखना चाहते है, साथ ही इस स्कूल का जीर्णोद्धार भी बेहतर रूप से कराना चाहते हैं, जिस हेतु उन्होंने सभी कार्यों का स्टीमेट बनाने का निर्देश दिया, व शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ करने की बात भी विधायक नाग द्वारा कही गई।

 

विधायक अनूप नाग ने संवाददाता से चर्चा में बताया कि, वे चाहते हैं कि इस प्राथमिक शाला के जीर्णोद्धार के पश्चात इसी शाला प्रांगण में एक कार्यक्रम आयोजित कर उन सभी सहपाठियों को बुलाएं जिन्होंने उस समय उनके साथ शिक्षा ग्रहण की थी।

चर्चा के दौरान उन्होंने आगे बताया कि उस समय अमेरिका से गरीब बच्चों के पोषण के लिए दलिया आता था, उन्होंने एक स्थान को दिखाते हुए बताया कि, यही वह जगह है जहां दलिया बनाया जाता था और हम दोपहर में बड़े ही आनंद से सहपाठियों संग इसी स्थान पर बैठकर दलिया खाया करते थे, चूंकि उस समय स्थिति वैसी नहीं थी कि हम लंचबॉक्स लेकर शाला जा सकें। इन सारे क्षणो को याद कर विधायक नाग भावुक हो गये व उनकी आंखें नम हो गईं।

विधायक अनूप नाग की भावनाएं अपने गाँव, गाँव की मिट्टी, गाँव के लोगों के लिए और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होने के नाते अपने क्षेत्र के लिए आज भी वैसी ही है, शायद यही वजह है कि आज प्रदेश में सबसे लोकप्रिय विधायकों में क्षेत्रवासियों सह जन-जन के प्रिय अनूप नाग का नाम भी सम्मिलित है।

ज्ञात हो विधायक नाग राजनीति में सक्रिय होने से पूर्व पुलिस विभाग में रहकर अपनी सेवाएँ दे चुके हैं, सेवानिवृत्त होने से पूर्व एक थानेदार के रूप में उनकी पोस्टिंग फ़िंगेश्वर में थी वहाँ भी वे जन जन के प्रिय थे। अनूप नाग उन लोकप्रिय थानेदारों में हैं जिनके सेवानिवृत होने पर नागरिकों सह विद्यालयीन बच्चों ने भी जुलूस निकालकर उन्हें ससम्मन विदाई दी थी।

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