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December 8, 2022 6:02 AM

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काली पुजा की तैयारिया अंतिम चरण पर , भक्तों में उत्साह

काली पुजा की तैयारिया अंतिम चरण पर , भक्तों में उत्साह

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सुकमा – बसस्टैण्ड स्थित श्री श्री महाकाली मंदिर शक्तिकानन मे हर्षोल्लास के साथ वार्षिक काली पुजा की तैयारिया अंतिम चरण पर है 45वर्षो से लगातार चलती आ रही यहा वार्षिक उत्सव काफी प्रसिद्ध व पुजा पद्धति लोकप्रियता लिए हुऐ होती है दक्षिण बस्तर मे एक ही ऐसे प्राचीन मंदिर है जो 45वर्षो से बंगीय समाज वार्षिक उत्सव करते आ रहे है

वार्षिक काली पुजा के अध्यक्ष संजीत हलदर ने
जानकारी देते हुए बताया कि 24 अक्टूबर को मध्य रात्रि में माता का जनमोत्स्व 25 एवं 26 अक्टूबर को माता की आरती, ज्योत, जागरण एवं महाप्रसाद (भण्डारा )का भी आयोजन
किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दो दिवसीय जागराता में कोलकाता से कलाकार आऐंगे जिससे तीन दिवसीय कार्यक्रमो मे मां का विभिन्न प्रकार से आरती सम्पन्न होंगी ,मुख्यत:दो दिन जागरण

कार्यक्रम किया जाएगा। काली पूजा की तैयारी अब अपने अंतिम चरण में है। सुकमा व अन्य क्षेत्र मे जहा जहा बंगिय समाज है वहा धुमधाम से काली पुजा होता हैं

अध्यक्ष इस संबंधी कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया की यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा मुहैया कराने की पूरी व्यवस्था की गई है। पूजा का शुभारंभ सोमवार को होगी। इसकी तैयारी की जा रही है। उन्होंने आगे कहा की तैयारिया पुरी होने के बाद विधिवत मां काली की पूजा अर्चना शुरू होगी।

युवाओं मे पुजा को लेकर उत्साह

प्रति वर्ष होने वाली काली पुजा मे काफी महत्वपूर्ण होती हैं युवाओं की भूमिका, पिछ्ले कुछ वर्षो से युवाये पुजा की भागदौड सम्भाल रखे है जो युवाओं को धार्मिक जागरणो मे बडचढकर भाग लेने प्रेरित करता है वरिष्ठ वर्गो के मार्गदर्शन से होने वाले इस वार्षिक उत्सव मे माताओ वह बहनो की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होती है वे जागरण मे भाग लेकर पुरी रात भर होने वाली पुजा सम्पन्न करवाते है

श्री श्री महाकाली मंदिर ,शक्तिकानन का उद्भभव

शबरी नदी के टट पर बसा सुकमा का एक मात्र काली मंदिर जो अपने पूर्व मे साधनाओं का प्रतिफल ही है जो वर्तमान मे सौन्दर्य व अपार लोकप्रियता लिए है।
आचार्य स्व: श्री नरेन्द्र गिरी वैदिक काली जी प्रथम पुजा पाठ शुरू किऐ वे 1977 में इस मंदिर का
निर्माण किया था. जो परंपरागत पुजाओ के क्रम मे इसी परिवार से पुजा पाठ सम्पन्न होती हैं और
आंतरिक भाग मे भक्तों के लिए एक और आकर्षण का केन्द्र है वहा अन्दर ही राधे कृष्ण, हनुमान जी व शिवालय और, मां के अन्नय भक्त रामकृष्ण परंमहंस जी की भी मुर्ति स्थापित की गयी हैं जो सनातन परंमपराओ के मान्यताओं को दर्शाती है

इस मौके पर मौजूद रहे
रवीन बाला,काजोल देवनाथ ,संजीत हलदर, अजय मंण्डल, विकास राय ,अजय घोष, रवि हलदर ,राजेश दास शिव शंकर सिकधर जितेंद्र, दिलीप बिस्वास, सुजीत हलदर,

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