RNI - NO : CHHHIN/2015/65786

November 27, 2022 12:12 AM

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चार साल से नही मिला मनरेगा में किए गए कार्य का भुगतान

•ग्राम पंचायत का मामला, पहुंचा पुलिस थाने तक

अंतागढ़/ट्रैक सीजी/अलका गर्ग:
मनरेगा द्वारा कराए गए कार्य का भुगतान 4 साल बाद भी नहीं हो पाया है, जनपद पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री की जन चौपाल में भी शिकायत के बावजूद ग्रामीणों को उनका पारिश्रमिक नहीं दिया गया , कई शिकायतों के बावजूद भी उनकी मजदूरी नहीं मिलने की वजह से, जिन्होंने मनरेगा में गौठान निर्माण का कार्य किया था उन्होंने थाना अंतागढ़ में संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिन्होंने उनसे मनरेगा के तहत गौठान का निर्माण कराया था।

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महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना, लोगों को पुरे 100 दिन रोजगार दिलाने की एक महती योजना बनाई गई थी, किंतु संबंधित विभाग में कसावट की कमी की वजह से इस योजना से लोगों को कार्य तो मिल रहा है किंतु की गए कार्यों के बदले श्रमिकों को उसका पारश्रमिक नहीं मिल रहा है ।

मामला है ग्राम पंचायत मासबरस के आश्रित गांव धोबापारा का है, जिसमें वर्ष 2018 में गरवा घुरावा बाड़ी के तहत गोठान निर्माण कराए गया था, उसमें कार्य करने वाले श्रमिकों को भुगतान आज चार साल बीतने के बाद भी नहीं किया गया है, और जिन्हे भुगतान किया भी गए है वह भी आधा अधूरा।

वही गौठान की बात करें तो गौठान में व्यापक भ्रष्टाचार देखा जा सकता है, गौठान में ना ही पानी की व्यवस्था है और ना ही मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था। पानी के लिए बोर खनन कराकर सोलर पंप लगाया गया किंतु पानी के बिना सोलर पंप से पानी कैसे निकले।

गोबर रखने व पानी के लिए टंकी तो बनाए गए हैं किंतु पानी की व्यवस्था ही गौठान में नहीं है पानी के लिए बोरवेल कराया गया है किंतु वह स्थान सूखा है जहां से पानी निकलना संभव नहीं है बावजूद इसके उस बोरवेल के ऊपर सोलर पैनल लाखों रुपए खर्च कर लगवा दिया गया है जिसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है, अपितु सोलर प्लेट अब जर्जर होने की अवस्था में आ गया है।

गौठान में फेंसिंग के लिए सीमेंट के पोल तो मंगाए गए हैं जिसे गौठान वाली जगह में रखा गया है किंतु फेंसिंग की जालियां सरपंच के घर में रखी गई है, वर्ष 2018 में किए पूर्ण कार्य का भुगतान कितना किया गया है इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है किंतु सोचनीय विषय है की मनरेगा द्वारा बनाए गए गौठान जो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा संचालित महती योजना नरवा गरवा घुरवा बाड़ी महज अब ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अनुपयोगी साबित हो रहे हैं पंचायतों के जनप्रतिनिधि साथ ही संबंधित विभाग के कर्मियों द्वारा किए जा रहे कार्य मनरेगा एवं नरवा गरवा घुरवा बाड़ी जैसी मति योजनाओं पर पलीता लगा रहे हैं।

लाखों खर्च करने के बावजूद ना लोग गोबर बेच पा रहे हैं ना ही लोगों द्वारा गौठान में किए गए कार्यों का भुगतान उन्हें मिल रहा है।

इस विषय में मनरेगा के प्रोजेक्ट ऑफिसर बीके बंजारे ने बताया कि सारे भुगतान ऑनलाइन किए जाते हैं किंतु भुगतान नहीं मिलने वाली जो बात आ रही है उसकी जांच कराई जाएगी साथ ही यदि संबंधित कर्मियों से लापरवाही की गई होगी तो उसकी शिकायत कर कार्रवाई की जाएगी।

अंतागढ़ के थाना प्रभारी रोशन कौशिक ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा उन्हें मनरेगा में किए गए कार्य का भुगतान नहीं दिए जाने के संबंध में शिकायत पत्र दिया गया है विभाग के संबंधित अधिकारी कर्मचारियों से बात कर इस विषय की जांच कराई जाएगी यदि कार्य में लापरवाही या फिर अनियमितता होगी तो जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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