RNI - NO : CHHHIN/2015/65786

December 8, 2022 6:10 AM

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नाबालिग से दुष्कर्म और देहव्यापार मामले में “आप” के पूर्व ज़िलाध्यक्ष परवेज़ ख़ान ने दी अपनी प्रतिक्रिया

•चुनावों के समय ऐसे मामले को सामने लाना राजनीति के गिरते स्तर और न्याय तंत्र के दुरुपयोग का उदाहरण है-परवेज़ खान

अंतागढ़/ट्रैक सीजी:
पूर्व जिलाध्यक्ष परवेज़ खान ने नाबालिग से दुष्कर्म और देहव्यापार मामले में कहा कि चुनाव के समय ऐसे मुद्दे को बाहर लाना घटिया राजनीति की बानगी है। उन्होंने पूछा कि क्या इस केस को सिर्फ इसलिए दबा के रखा गया था ताकि ऐसे ही किसी वक्त पर उस केस के माध्यम से चुनाव प्रभावित किया जा सके? अगर यह घटना वास्तव में घटित हुई है तो उस नाबालिग युवती को अब तक न्याय क्यो नही मिला, जबकि यह मामला 2019 का बताया जा रहा है? उन्होंने कहा कि क्या अब न्याय व्यवस्था या कानून व्यवस्था का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि कोई भी अपराध दर्ज होने के बाद, अपराध में नामजद के खिलाफ तब तक कोई कार्यवाही नही की जाएगी जब तक कि उस व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही करने का सही अवसर न आ जाए अर्थात् उस मामले को लेकर राजनीतिक फायदा उठाने का सही समय न आ जाये?

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परवेज़ खान ने कहा कि आज के मौजूदा वक्त में सत्ता में आसीन सभी पार्टियां कानून का खुलकर दुरुपयोग कर रहीं हैं, जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। सत्ता पाने की लालसा में सभी अपना नैतिक मूल्य खोते जा रहे हैं, राजनीति का स्तर इतना नीचे गिर सकता है इसकी कभी किसी ने कल्पना भी नही की थी, लोकतंत्र में इस स्तर के राजनीति की कोई जगह नही होनी चाहिए। ख़ान आगे कहते हैं कि सभी पार्टीयों को अपने द्वारा किये गए उल्लेखनीय कार्य, समाज मे अपने योगदान तथा भविष्य की कार्य-योजना को लेकर चुनावी रण में उतरना चाहिए न कि चुनाव जीतने के लिए घटिया और निम्न स्तर के तथ्यों का सहारा लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रत्याशी ने अगर अपराध किया है तो उन्हें बिल्कुल उनके कृत्य की सजा मिलनी चाहिए पर इस बात का भी जवाब दिया जाना चाहिए कि केस दर्ज होने के बाद अब तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे क्यो बैठी रही? ब्रम्हानंद के प्रत्याशी बनने के बाद ही इस केस को क्यों खोला गया? अगर उन्हें टिकट नही मिलती तो क्या इस केस पर हमेशा के लिए मिट्टी डाल दी जाती? प्रशासन द्वारा इस बात का जरूर जवाब दिया जाना चाहिए।

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