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February 5, 2023 12:31 AM

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सत्ता के आगे बौना साबित हुआ भाजपा संगठन, कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अबतक नहीं हुआ बदलाव राजेश शुक्ला ट्रैैक सीजी न्‍यूज संभाग प्रमुख महेन्‍द्र श्रीवास्‍तव 

सत्ता के आगे बौना साबित हुआ भाजपा संगठन, कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अबतक नहीं हुआ बदलाव राजेश शुक्ला ट्रैैक सीजी न्‍यूज संभाग प्रमुख महेन्‍द्र श्रीवास्‍तव

अनूपपुर । जिस संगठन के दम पर सत्ता में पहुंची है भाजपा आज उसी सत्ता के आगे संगठन बौना साबित हो गया है। जब तक जिले का कोई विधायक मंत्री नहीं था तब तक संगठन बहुत ही ताकतवर था जब से पार्टी में घुसपैठियों का कब्जा हुआ हैं, तब से यह संगठन कांग्रेस की तर्ज पर सत्ता के आगे पीछे घूम रहा है। संगठन ने अपने असली कार्य को भुलाकर सत्ता की दलाली मैं मस्त है। आज जिले में या यूं कहें प्रदेश में कोई भी गैरकानूनी कार्य हो रहे हैं उनमें संगठन की सहभागिता दिखाई दे रही है। रेत का अवैध उत्खनन, सट्टा-जुआ बाजार जैसे कई और गैरकानूनी कार्यों में हिस्सेदारी बनी हुई है।
जिले में संगठन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी पद पर बने रहना यह बताता है कि प्रदेश नेतृत्व सत्ता के आगे कितना कमजोर हैं कि कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रदेश की बैठकों में हिस्सा लेना और फिर होने वाले चुनाव चर्चा करना जबकि जिले में संगठन नहीं के बराबर रह गया है। जिसे सत्ता ने पूरी तरह अपनी चपेट में लेकर कमजोर कर दिया हैं। ऐसे में होने वाले विधानसभा चुनाव ऐसे संगठन पर कैसे भरोसा किया जा सकता हैं। जबकि जिले का संगठन प्रमुख स्वयं अपने-आप को विधानसभा के दावेदार मानते हैं। ऐसे में संगठन में बदलाव होना होना कार्यकर्ताओं में निराशा झलक रहीं है। घुसपैठिए के कारण वैसे भी पार्टी का सही कार्यकर्ता पार्टी से दूर होता नजर आ रहा हैं। दूर होते कार्यकर्ताओं की पीड़ा को समझने वालों आज कोई दिखाई नहीं दे रहा। संगठन पूरी तरह सत्ता की कब्जे में होने से आम कार्यकर्ता इनके नजदीक नहीं पहुंच पा रहा वह अपनी पीड़ा किससे कहें।
आदर्श, सिद्धांत और एकात्म मानववाद के दर्शन पर आधारित राजनीतिक दल भाजपा अब अपनी लहर नापने वाली मशीन की सेहत को नजरअंदाज करना कांग्रेस से सीख ही लिया। जिस जिला अध्यक्ष पर उनके अपने दल के कार्यकर्ता समय समय पर कई आक्षेप लगाते रहे प्रदेश नेतृत्व का भरोसा टूटा नही है। अनूपपुर में जिन्होंने भाजपा को भाजपा बनाया था उनकी प्रजाति लुप्त प्राय: है जो अभी दिख रहे हैं। चाटुकारिता का अभ्यास कर परीक्षा पास कर रहमोकरम पर मंच के निचले पायदान पर बिराजमान हैं। इस विसंगतिपूर्ण व्यवस्था का ज्ञान भाजपा प्रदेश नेतृत्व को हैं या व्यवस्थित करने के चक्कर में व्यवस्था न बिगड़ जाये। कांग्रेस को यह लगता है कि उनके जो साथी भाजपा में गये है वह भाजपा का सेहत बिगाड़ेगे जिससे नए साल में उनकी सरकार बननी तय है। कुछ हो भी कुछ इसी तरह से है।

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