*PMGSY में सूचना अधिकार अधिनियम 2005 ( RTI ) की अनदेखी? मांगी गई जानकारी पर विभाग ने दिया गोलमोल जवाब*
बीजापुर ट्रैक सीजी न्यूज जिला ब्यूरो चीफ
बीजापुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) से जुड़ी जानकारी मांगने पर विभाग द्वारा स्पष्ट सूचना देने के बजाय कानूनी धाराओं का हवाला देकर जवाब टालने का मामला सामने आया है। इससे सूचना के अधिकार अधिनियम की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पत्रकार ईश्वर सोनी द्वारा 20 नवंबर 2025 को सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन में अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 तक PMGSY अंतर्गत किराये पर लगाई गई गाड़ियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। इसमें अधिकारियों के नाम, वाहन मालिक, वाहन का प्रकार, किराया भुगतान विवरण, आदेश प्रति, लॉगबुक, भुगतान प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां शामिल थीं।

लेकिन विभाग की ओर से दिए गए जवाब में मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय यह कहा गया कि प्रश्न RTI अधिनियम की धारा 2(f) के अंतर्गत नहीं आते तथा धारा 6(1) के तहत “विधिसम्मत नहीं” हैं। साथ ही यह भी लिखा गया कि निर्धारित प्रारूप में आवेदन देने पर ही सूचना दी जाएगी।
RTI विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सूचना रिकॉर्ड में उपलब्ध है तो उसे उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी होती है। वाहन किराया, भुगतान और आदेश से जुड़े दस्तावेज स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड का हिस्सा होते हैं, जिन्हें धारा 2(f) के दायरे से बाहर बताना सवाल खड़े करता है।

इस जवाब के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या विभाग संवेदनशील वित्तीय जानकारियों को सार्वजनिक होने से रोकना चाहता है या वाहनों के नाम पर फर्जी राशि का आहरण किया जा रहा है , PMGSY जैसे बड़े विभाग में वाहनों के किराये और भुगतान से जुड़े खर्च पहले भी विवादों में रहे हैं
