33 जिलों से जुटे कर्मचारी, नियमितीकरण, स्थायीकरण , आकस्मिकता कार्यभारित की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन
रायपुर / छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के मिनी स्टेडियम में शुक्रवार को दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन ने एवं छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ ने लंबित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय जंगी प्रदर्शन किया। प्रदेश के 33 जिलों से पहुंचे लगभग 5 हजार से ज्यादा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने बीजेपी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए अपनी मांग रखी।
छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक एवं छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष रामकुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार बने 800 दिन से उपर हो चुके है, लेकिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमतिकरण और स्थायीकरण अब तक नहीं किया गया है जो की सरकार ले लिए एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है।
पूर्व में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने रायपुर में हड़ताल की थी जहां पर बीजेपी के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया था और भाजपा की सरकार बनाओ ,भाजपा की सरकार बनती है तो दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जायेगा,स्थायीकरण किया जायेगा, उस समय धरना स्थल पर अरूण साव, विजय शर्मा, केदार कश्यप,ओ.पी.चौधरी, राजीव अग्रवाल, भूपेद्र सवन्नी सहित तमाम नेता उपस्थित थे।
जन घोषणा पत्र में भाजपा की ओर से शासन आने पर 100 दिन के भीतर मोदी की गारंटी के तहत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कमेटी गठन कर मार्ग प्रशस्त करेगी!
किन्तु उक्त कमेटी आज तक अता पता नही है!
भाजपा सरकार बनने के बाद अब तक रायगढ़ विधायक और वित्त मंत्री ने अपने आश्वासन पर पहल नहीं की है।
जंगी रैली के दौरान पुलिस तैनात, बेरिकेड्स लगाकर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों एवं कर्मियों को रोका
प्रदेश स्तरीय हड़ताल की जानकारी के बाद कलेक्टोरेट रोड पुलिस छावनी में बदल गया। कर्मचारी वित्तमंत्री कार्यालय व निवास का घेराव करने के लिए निकले थे लेकिन जिला प्रशासन ने बीच में रोक दिया और रूट चेंज करते हुए उन्हें कलेक्टोरेट तक ही सीमित रखने के बेरिकेड्स लगा दिए। मिनी स्टेडियम से रैली चक्रधर नगर थाना के सामने से घुमाते हुए अंबेडकर चौक से वापस कलेक्टोरेट पहुंची, जहां ज्ञापन सौंप कर मांगें रखी गईं।
रायगढ़ के मिनी स्टेडियम से रैली निकालते दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन के पदाधिकारी और सदस्यों की जमावड़ा रहा।
56 विभागों में सेवा दे रहे 33 हजार से ज्यादा कर्मी सामिल हुए
मजदूर दिवस के दिन प्रदेशभर के समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले विरोध करने वित्त मंत्री के जिले एकत्र हुए जिसमें वन विभाग की संख्या बहुत अधिक थी।
प्रदेश संयोजक रामकुमार सिन्हा ने बताया की प्रदेशभर में समस्त विभागों में उनकी संख्या 33 हजार जनसंख्या है। 56 विभागों में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अपनी सेवा दे रहे हैं। इसमें वन विभाग में करीब 7 हजार कर्मचारी हैं। अन्य विभागों में शिक्षा, जल संसाधन, उद्यानिकी, समेत अन्य विभाग शामिल हैं।
ढ़ाई साल पूर्व धरना स्थल पर दिया गया आश्वासन अब तक अधूरा है,
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक राजकुमार सिन्हा ने कहा है कि वित्तमंत्री ने ढाई साल में दो बार बजट पेश किया, लेकिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी एवं श्रमिकों के हित में कोई भी बजट पारित नहीं किया जिसके कारण पुरे प्रदेश में वर्तमान शासन के खिलाफ माहौल खराब होती दिखाई दे रहा है।
छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ जिला रायगढ़ एवं जिला सारंगढ़ के जिलाध्यक्ष कीर्तन लाल चौहान ने कहा कि सरकार बनने से पहले 14 अप्रैल 2023 को रायपुर के तुता धरना स्थल पर बीजेपी नेता पहुंचे और आश्वासन दिया था सरकार बनती है, तो मांगे पूरी होंगी। ढाई साल बीत गए, उन्होंने वादा पूरा नहीं किया,आज चौक चौराहों,गलियों में वित्त मंत्री जी को लेकर किरकिरी हो रही है! कीर्तन चौहान ने कहा कि विकास की रथ को तो पांच साल हांकते है, उसी पांच साल के एक साल के बजट को हम कर्मचारियों के प्रति अच्चे विचार रखकर बजट में पेश करते हुए नियमितीकरण,स्थायीकरण, आकस्मिकता कार्यभारित के लिए भूमिका बांधते हुए बजट पेश करते किन्तु येसा बिल्कुल भी नही किया जा रहा है जिसके क्षेत्र में वित्त मंत्री के कार्यशैली को लेकर माहोल खराब हो रहा है।
जबकी वित्त मंत्री जी सुल्झे हुए है, करीब का बेटा भी है, किस्मत से कलेक्टर बना, कलेक्टर बनकर राज्य की सेवा भी किया है, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों, एवं श्रमिकों की दर्द को नजदीक से देखा हुआ समझा हुआ इंसान है, हमे पूर्ण रूप से भरोसा है कि वो हमारे अधिकारों को छिन्ने का काम नही करेगा बल्की हमारे अधिकार को दिलाने के लिए तठस्तता पूर्वक सदन में बाते रखकर नियमितीकरण स्थायीकरण तथा वन विभाग में जो कार्यरत दैनिक वेतनभोगी है उनके आकस्मिकता कार्यभारित के प्रस्ताव को जल्द पास करेंगे।
दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की प्रमुख मांगें
1. समस्त विभागों में 10 साल से अधिक सेवा पूर्ण कर चुके दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमितीकरण किया जाए।
2. समस्त विभागों में दो साल की सेवा पूर्ण कर चुके दैनिक वेतन भोगी कर्मियों का स्थायीकरण किया जाए।
3. वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए आकस्मिकता कार्यभारित सेवा नियम लागू करने के संबंध में प्रस्ताव को वित्त विभाग से शीघ्र स्वीकृति दी जाए।
4. सभी विभागों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए चार श्रम संहिता कानून लागू किए जाएं।
5. प्रत्येक कर्मचारी को 4 हजार रुपए प्रतिमाह श्रम सम्मान राशि दी जाए।
6. सभी विभागों में ठेका प्रथा को तत्काल समाप्त की जाए, वर्तमान में जंगल सफारी रायपुर में टेंडर प्रक्रिया अपनाते हुए बस, से लेकर अन्य चिजों को ठेका दिया जा रहा है उस पर तत्काल रोक लगाया जाये!
7. स्कूल शिक्षा विभाग के सफाई कर्मचारियों को 3500 रुपए मानदेय की जगह न्यूनतम वेतन के अनुसार 10,658 रूपया भुगतान किया जाए।
8. समस्त विभागों में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के जितने भी रिक्त पदों पर अनुभव और योग्यता के आधार पर वर्तमान में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का समाहितीकरण करते हुए सर्व प्रथम प्राथमिकता दिया जाए।
9. 01 मई मजदुर दिवस के दिन को शासकीय अवकाश घोषित किया जावें!
शासन प्रशासन अगर सही समय में सही निर्णय नही लेता है तो एस बार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संगठन अनिश्चित कालीन हड़ताल में जाने के लिए बाध्य होंगे!
रायगढ़ में जिस प्रकार से रैली देखने को मिला उससे येसा प्रतित होने लगा है कि अगर भाजपा की सरकार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण करने स्थायीकरण करने के लिए निर्णय नही लेता है तो ढ़ाई साल बाद इसकी खामियाजा भुगतना पड़ जायेगा जैसा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार का हाल हुआ था वैसा ही कहीं भाजपा की सरकार का न हो जाये पब्लिक समझदार होते जा रहे है कर्मचारी व श्रमिक विरोध में आ रहे हैं समय रहते बीच का रास्ता निकालना होगा नही तो संकेत उचित नही है।