पीडब्ल्यूडी विभाग में कमीशनखोरी के आरोपों से मचा हड़कंप इंजीनियर कर्मकार का ऑडियो वायरल, ठेकेदारों से पूछे जा रहे “दो लिया या ढाई” जैसे सवाल विधायक योगेश पंडागरे ने की जांच की मांग

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रेलवे अधिकारियों के संरक्षण में अंडरब्रिजों का घटिया निर्माण ? शिकायतों के बाद भी आमला एडीएन ने नहीं की कार्रवाई घटिया निर्माण के सवालों से बचने पत्रकारों के कॉल तक नहीं उठा रहे अधिकारी बैतूल। आमला रेलवे मंडल द्वारा ओपन लाइन छिंदवाड़ा ट्रैक पर विभिन्न अंडरब्रिजों (अंडरपास) का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, लेकिन इन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों एवं पत्रकारों द्वारा गंभीर अनियमितताओं और घटिया निर्माण सामग्री उपयोग किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार देवगांव एवं बारछी के पास रेलवे ट्रैक पर निर्माणाधीन अंडरब्रिजों में निर्माण एजेंसी द्वारा मानकों की अनदेखी करते हुए कार्य किया जा रहा है। देवगांव स्थित निर्माण कार्य में कथित धांधली और घटिया निर्माण की शिकायत आमला के एडीएन को पूर्व में दी गई थी, लेकिन शिकायत के बाद भी न तो किसी प्रकार की जांच की गई और न ही संबंधित एजेंसी पर कोई कार्रवाई की गई। अब बारछी के पास एलसीडीपी-13 अंडरपास निर्माण में भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे भविष्य में अंडरब्रिज की मजबूती और सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं, निर्माण कार्यों में उठ रहे सवालों को लेकर आमला एडीएन पत्रकारों के फोन तक रिसीव नहीं कर रहे, जिससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तथा यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

बैतूल। लोक निर्माण विभाग (PWD) में कथित कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर विभाग सुर्खियों में आ गया है। विभाग के इंजीनियर कर्मकार का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ठेकेदारों से यह पूछते सुनाई दे रहे हैं कि “ई ई मेडम ने दो लिया या ढाई।” ऑडियो सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और पूरे विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
बताया जा रहा है कि वायरल ऑडियो में निर्माण कार्यों के भुगतान और बिल पास कराने के एवज में कमीशन को लेकर बातचीत की जा रही है। ऑडियो के वायरल होते ही ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों के बीच चल रही कथित लेन-देन प्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार जिले में सड़कों, पुल-पुलिया और अन्य निर्माण कार्यों में लंबे समय से गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई ठेकेदारों द्वारा अनौपचारिक रूप से यह आरोप लगाए जाते रहे हैं कि बिल भुगतान के लिए प्रतिशत तय किए जाते हैं। अब वायरल ऑडियो ने इन आरोपों को और हवा दे दी है।
मामले को गंभीर बताते हुए विधायक योगेश पंडागरे ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि ऑडियो सही पाया जाता है तो यह बेहद गंभीर मामला है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसों से होने वाले विकास कार्यों में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि वायरल ऑडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले के सामने आने के बाद आमला, मुलताई और बैतूल क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और विभागीय जांच पर टिकी हुई है।

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